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बवासीर के कारण और लक्षण
बवासीर क्या है?
बवासीर या पाइल्स मलद्वार के आसपास की नसों में दवाब पड़ने की वजह से होने वाला रोग है। दबाव पड़ने की वजह से इन नसों में सूजन और फैलाव आ जाता है, सूजन के साथ मल की रगड़ लगने से इनमे बवासीर बन जाता है। धीरे-धीरे, ज़्यादा दबाव और रुकावट की वजह से इन नसों के आसपास गांठें भी बन जाती है।
बवासीर के आम लक्षणों में मल के निकलने के दौरान दर्द और खून आना, मलद्वार के आसपास खुजली, और गांठें बनना शामिल हैं।
यह एक बहुत ही आम बीमारी है। उम्र, खानपान, मानसिक तनाव और शौच की ख़राब आदतें जैसे देर तक शौच में बैठना आदि बवासीर होने की मुख्य वजहें हैं। अधिक माँसाहारी भोजन का सेवन करने वाले लोगों में इस बीमारी के होने का खतरा शाकाहारी भोजन करने वालों की तुलना में अधिक होता है।
बवासीर बाहरी या आन्तरिक हो सकती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि यह जांच के दौरान बाहर से दिखाई देती है या मलद्वार के अंदर ही है। बाहरी पाइल्स मलद्वार के आसपास त्वचा के नीचे दिखाई देती हैं, जबकि अंदरूनी पाइल्स बाहर से दिखाई नहीं देती हैं। इन मरीज़ों के मल में खून, और थोड़ा दर्द हो सकता है। लेकिन ज़्यादातर समय, अंदरूनी पाइल्स वाले मरीज़ों में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं पड़ते।
ज़्यादातर स्थितियों में बवासीर सही देखभाल और जीवनशैली में बदलाव से अपने आप ठीक हो जाता हैं, लेकिन अगर यह एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक रहे या खून ज्यादा आए तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
बवासीर के लक्षण
बवासीर के शुरुआती स्टेज में, मरीज़ों में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन जब बीमारी लम्बे समय तक बनी रहती है, तो इसके कुछ लक्षण दिखने लगते हैं। पाइल्स के आम लक्षण हैं:
- मल के साथ खून आना।
- मलद्वार के आसपास दर्द और खुजली।
- मलद्वार के पास छोटी माँस की गांठें बनना। पाइल्स की गंभीरता (पाइल्स के ग्रेड) के आधार पर, यह गांठ लगातार बाहर बनी रह सकती है या अपने आप अंदर जा सकती।
- मल के साथ म्यूकस निकलना।
- मल त्याग के बाद भी मल त्याग की इच्छा बने रहना।
- पुरानी बवासीर की वजह से फिस्टुला बन सकता है।
बवासीर के कारण
पाइल्स मलद्वार और मलाशय के निचले हिस्से में दबाव बढ़ने की वजह से होता है। इसके मुख्य कारण हैं:
- पुराना कब्ज।
- टॉयलेट पर लंबे समय तक बैठे रहना।
- मल त्याग करते समय ज़ोर लगाना।
- लंबे समय तक बैठे रहना।
- भारी वज़न उठाना।
- पुराना डायरिया।
- मोटापा।
- गर्भवती महिलाओं में।
एनल फिशर क्या है?
एनल फिशर बवासीर से अलग है। यह मलद्वार के किनारे पर लगने वाला छोटा कट है जो ज्यादातर सख्त मल के कारण होता है। एनल फिशर मे तेज़ दर्द के साथ मल से चिपक के खून आता है। छोटे बच्चों में एनल फिशर बहुत आम है, लेकिन यह किसी भी उम्र के लोगों मे हो सकता है।




